रात के ख़्वाब सुनाएँ किस को रात के ख़्वाब सुहाने थे,
धुँदले धुँदले चेहरे थे पर सब जाने-पहचाने थे|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
रात के ख़्वाब सुनाएँ किस को रात के ख़्वाब सुहाने थे,
धुँदले धुँदले चेहरे थे पर सब जाने-पहचाने थे|
इब्न-ए-इंशा
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