चल दिए उठ के!

चल दिए उठ के सू-ए-शहर-ए-वफ़ा कू-ए-हबीब,

पूछ लेना था किसी ख़ाक-बसर* से पहले|

*शोकमग्न

इब्न-ए-इंशा

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