शायरी तुझको गँवाया

क्या पता हो भी सके इस की तलाफ़ी कि नहीं,

शायरी तुझको गँवाया है बहुत दिन हमने|

जाँ निसार अख़्तर

One response to “शायरी तुझको गँवाया”

  1. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    💜

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