पीना मुश्किल है!

इक सब्र के घूँट से मिट जाती तब तिश्ना-लबों की तिश्ना-लबी,

कम-ज़र्फी-ए-दुनिया के सदक़े ये घूँट भी पीना मुश्किल है|

अर्श मलसियानी

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