क्या नक़्श उभारोगे!

उनका हमसे प्यार का रिश्ता ऐ दिल छोड़ो भूल चुको,

वक़्त ने सब कुछ मेट दिया है अब क्या नक़्श उभारोगे|

इब्न-ए-इंशा

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