कल तुम इन्हें पुकारोगे!

अहल-ए-वफ़ा से तर्क-ए-तअ‘ल्लुक़ कर लो पर इक बात कहें,

कल तुम इनको याद करोगे कल तुम इन्हें पुकारोगे|

इब्न-ए-इंशा

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