मोहब्बत आसमाँ को जब ज़मीं करने की ज़िद ठहरी,
तो फिर बुज़दिल उसूलों की शराफ़त दरमियाँ क्यूँ हो|
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds
मोहब्बत आसमाँ को जब ज़मीं करने की ज़िद ठहरी,
तो फिर बुज़दिल उसूलों की शराफ़त दरमियाँ क्यूँ हो|
वसीम बरेलवी
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