A sky full of cotton beads like clouds
रहे ख़याल कि मज्ज़ूब*-ए-इश्क़ हैं हम लोग,
अगर ज़मीन से फूंकें तो आसमाँ उड़ जाएँ|
*डूबा हुआ
राहत इंदौरी
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