तेरी ख़ता कुछ भी नहीं

सोचा तुझे देखा तुझे चाहा तुझे पूजा तुझे,

मेरी ख़ता मेरी वफ़ा तेरी ख़ता कुछ भी नहीं|

बशीर बद्र

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