चरवाहों की जागीरें हैं!

हर जंगल की एक कहानी वो ही भेंट वही क़ुर्बानी,

गूँगी बहरी सारी भेड़ें चरवाहों की जागीरें हैं|

निदा फ़ाज़ली

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