आज और कल की बात नहीं है सदियों की तारीख़ यही है,
हर आँगन में ख़्वाब हैं लेकिन चंद घरों में ताबीरें हैं|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds
आज और कल की बात नहीं है सदियों की तारीख़ यही है,
हर आँगन में ख़्वाब हैं लेकिन चंद घरों में ताबीरें हैं|
निदा फ़ाज़ली
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