एकसी लेकिन ज़ंजीरें हैं

मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं,

जुदा जुदा हैं धर्म इलाक़े एक सी लेकिन ज़ंजीरें हैं|

निदा फ़ाज़ली

One response to “एकसी लेकिन ज़ंजीरें हैं”

  1. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    💗

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