मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं,
जुदा जुदा हैं धर्म इलाक़े एक सी लेकिन ज़ंजीरें हैं|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds
मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं,
जुदा जुदा हैं धर्म इलाक़े एक सी लेकिन ज़ंजीरें हैं|
निदा फ़ाज़ली
Leave a comment