अभी कुछ दिन लगेंगे!

ज़रा मौसम तो बदला है मगर पेड़ों की शाख़ों पर,

नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे,

बहुत से ज़र्द चेहरों पर ग़ुबार-ए-ग़म है कम बे-शक,

पर उनको मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे|

जावेद अख़्तर

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