A sky full of cotton beads like clouds
शिर्क* छोड़ा तो सबने छोड़ दिया,
मेरी कोई सोसाइटी ही नहीं|
*मूर्तिपूजा, बहुदेव पूजा
अकबर इलाहाबादी
Δ
Leave a comment