इस नज़ाकत पर ये शमशीर-ए-जफ़ा,
आप से क्यूँकर सँभाली जाएगी|
अकबर इलाहाबादी
A sky full of cotton beads like clouds
इस नज़ाकत पर ये शमशीर-ए-जफ़ा,
आप से क्यूँकर सँभाली जाएगी|
अकबर इलाहाबादी
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