लुत्फ़ भी चला गया!

वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई,

वो छोटी छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया|

नासिर काज़मी

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