मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे!

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे,
मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जाँ-ब-लब मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे|

शकील बदायूनी

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