
बीता दीद उम्मीद का मौसम ख़ाक उड़ती है आँखों में,
कब भेजोगे दर्द का बादल कब बरखा बरसाओगे|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds

बीता दीद उम्मीद का मौसम ख़ाक उड़ती है आँखों में,
कब भेजोगे दर्द का बादल कब बरखा बरसाओगे|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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