सिमटा हो तो ऐसा हो!

इक ख़ाल-ए-सुवैदा में पहनाई-ए-दो-आलम,
फैला हो तो ऐसा हो सिमटा हो तो ऐसा हो|

इब्न-ए-इंशा

Leave a comment