
सो रहो मौत के पहलू में ‘फ़राज़’,
नींद किस वक़्त न जाने आए|
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds

सो रहो मौत के पहलू में ‘फ़राज़’,
नींद किस वक़्त न जाने आए|
अहमद फ़राज़
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