नाम भी इस में कहीं लिखा होगा!

पुराने वक़्तों का है क़स्र* ज़िंदगी मेरी,
तुम्हारा नाम भी इस में कहीं लिखा होगा|

*महल, History
शीन काफ़ निज़ाम

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