ख़ैर तुमने जो किया अच्छा किया!

बंध गई थी दिल में कुछ उम्मीद सी,
ख़ैर तुमने जो किया अच्छा किया|

जावेद अख़्तर

One response to “ख़ैर तुमने जो किया अच्छा किया!”

Leave a reply to Rooppendra Kumar Cancel reply