एक खिड़की मगर खुली है अभी!

सो गए लोग उस हवेली के,
एक खिड़की मगर खुली है अभी|

नासिर काज़मी

2 responses to “एक खिड़की मगर खुली है अभी!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji

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