क़ैद में हूँ रिहा नहीं करता!

आइना अब जुदा नहीं करता,
क़ैद में हूँ रिहा नहीं करता|

मुनीर नियाज़ी

2 responses to “क़ैद में हूँ रिहा नहीं करता!”

  1. वाह , बहुत सुंदर |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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