
आँखों में जल रहा है प बुझता नहीं धुआँ,
उठता तो है घटा सा बरसता नहीं धुआँ|
गुलज़ार
A sky full of cotton beads like clouds

आँखों में जल रहा है प बुझता नहीं धुआँ,
उठता तो है घटा सा बरसता नहीं धुआँ|
गुलज़ार
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