फिर से बुला ले वो इशारा न रहा!

क्या बताऊँ मैं कहाँ यूँही चला जाता हूँ,
जो मुझे फिर से बुला ले वो इशारा न रहा|

मजरूह सुल्तानपुरी

2 responses to “फिर से बुला ले वो इशारा न रहा!”

  1. बहुत सुंदर।

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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