क्या बात कह नहीं सकता!

ये आज़माने की फ़ुर्सत तुझे कभी मिल जाए,
मैं आँखों आँखों में क्या बात कह नहीं सकता|

वसीम बरेलवी

2 responses to “क्या बात कह नहीं सकता!”

  1. वाह वाह।

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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