
झुकती हुई नज़र हो कि सिमटा हुआ बदन,
हर रस-भरी घटा को बरस जाना चाहिए|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

झुकती हुई नज़र हो कि सिमटा हुआ बदन,
हर रस-भरी घटा को बरस जाना चाहिए|
निदा फ़ाज़ली
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