और आँखों को मूँद लिया है!

अब क्या सोचें क्या हालात थे किस कारन ये ज़हर पिया है,
हमने उसके शहर को छोड़ा और आँखों को मूँद लिया है|

अहमद फ़राज़

2 responses to “और आँखों को मूँद लिया है!”

  1. बहुत सुंदर।

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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