उसको ज़माने ठहर के देखते हैं!

रुके तो गर्दिशें उसका तवाफ़ करती हैं,
चले तो उसको ज़माने ठहर के देखते हैं|

अहमद फ़राज़

2 responses to “उसको ज़माने ठहर के देखते हैं!”

  1. वाह, बहुत खूब।

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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