आज फिर से मैं हिन्दी फिल्म जगत के एक और लोकप्रिय गीतकार हसरत जयपुरी जी का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ| वैसे हसरत जयपुरी जी भी मेरे प्रिय नायक, निर्माता-निर्देशक राजकपूर जी की टीम में शामिल थे और अक्सर उनकी फिल्मों में शैलेन्द्र जी और हसरत जयपुरी जी के गीत शामिल होते थे|
आज प्रस्तुत है हसरत जयपुरी जी का लिखा एक फिल्मी गीत, यह गीत पुरानी फिल्म- राजकुमार के लिए रफी साहब ने शंकर जयकिशन की सुप्रसिद्ध जोड़ी के संगीत निर्देशन में गाया था, लीजिए प्रस्तुत हैं इस गीत के बोल –

इस रंग बदलती दुनिया में
इंसान की नीयत ठीक नहीं
निकला न करो तुम सज-धजकर
ईमान की नीयत ठीक नहीं, इस…
ये दिल है बड़ा ही दीवाना
छेड़ा न करो इस पागल को
तुमसे न शरारत कर बैठे
नादान की नीयत ठीक नहीं, इस…
काँधे से हटा लो सर अपना
ये प्यार मुहब्बत रहने दो
कश्ती को सम्भालो मौजों में
तूफ़ान की नीयत ठीक नहीं, इस…
मैं कैसे खुदा हाफ़िज़ कह दूँ
मुझको तो किसी का यकीन नहीं
छुप जाओ हमारी आँखों में
भगवान की नीयत ठीक नहीं,
इस रंग बदलती दुनिया में
(आभार- एक बात मैं और बताना चाहूँगा कि अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में मैं जो कविताएं, ग़ज़लें, शेर आदि शेयर करता हूँ उनको मैं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध ‘कविता कोश’ अथवा ‘Rekhta’ से लेता हूँ|)
आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
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