
काँप उठती हूँ मैं सोच कर तन्हाई में,
मेरे चेहरे पर तेरा नाम न पढ़ ले कोई|
परवीन शाकिर
A sky full of cotton beads like clouds

काँप उठती हूँ मैं सोच कर तन्हाई में,
मेरे चेहरे पर तेरा नाम न पढ़ ले कोई|
परवीन शाकिर
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