जो शाहों को मिला करता है !

देर से आज मेरा सर है तेरे रानों पर,
ये वो रुत्बा है जो शाहों को मिला करता है |

क़तील शिफ़ाई

2 responses to “जो शाहों को मिला करता है !”

  1. बहुत खूब।

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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