
देर से आज मेरा सर है तेरे रानों पर,
ये वो रुत्बा है जो शाहों को मिला करता है |
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds

देर से आज मेरा सर है तेरे रानों पर,
ये वो रुत्बा है जो शाहों को मिला करता है |
क़तील शिफ़ाई
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