अपने-आप को तन्हा किया न जाए!

हम हैं तेरा ख़याल है तेरा जमाल है,
इक पल भी अपने-आप को तन्हा किया न जाए|

जाँ निसार अख़्तर

2 responses to “अपने-आप को तन्हा किया न जाए!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji.

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