
न कोई ख़्वाब न कोई ख़लिश न कोई ख़ुमार,
ये आदमी तो अधूरा दिखाई पड़ता है|
जाँ निसार अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

न कोई ख़्वाब न कोई ख़लिश न कोई ख़ुमार,
ये आदमी तो अधूरा दिखाई पड़ता है|
जाँ निसार अख़्तर
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