ये ज़िस्म बदलना जारी है!

रोज़ सवेरे दिन का निकलना, शाम में ढलना जारी है,
जाने कब से रूहों का ये ज़िस्म बदलना जारी है|

राजेश रेड्डी

2 responses to “ये ज़िस्म बदलना जारी है!”

  1. बहुत सुंदर

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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