किस राहगुज़र के हम हैं!

चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब,
सोचते रहते हैं, किस राहगुज़र के हम हैं |

निदा फ़ाज़ली

2 responses to “किस राहगुज़र के हम हैं!”

  1. बहुत सुन्दर |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      बहुत बहुत धन्यवाद जी।

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