मेरा हमनवा कर दे!

अकेली शाम बहुत जी उदास करती है,
किसी को भेज कोई मेरा हमनवा कर दे|

राना सहरी

2 responses to “मेरा हमनवा कर दे!”

  1. बहुत सुन्दर |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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