और तुझे तेरी निगाहों से–

कभी चुपके से चला आऊँ तेरी खिलवत में
और तुझे तेरी निगाहों से बचा कर देखूं |

राहत इन्दौरी

2 responses to “और तुझे तेरी निगाहों से–”

  1. बहुत अच्छा |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      बहुत बहुत धन्यवाद जी।

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