आ अब लौट चलें!

आज फिर से मैं, हम सबके प्रिय गायक मुकेश जी और लता मंगेशकर जी के गाये एक युगल गीत के बोल प्रस्तुत कर रहा हूँ, यह गीत राज कपूर जी की अद्वितीय फिल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ के लिए लिखा था शैलेन्द्र जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया था शंकर-जयकिशन की प्रसिद्ध जोड़ी ने| इस गीत में लता जी के स्वर में ‘आ जा रे’ की पुकार गूँजती है, बाकी गीत मुकेश जी ने गाया है|

 राज कपूर साहब की इस फिल्म ने बहुत महान संदेश दिया था और यह बड़ी बात है कि जय प्रकाश नारायण जी द्वारा डाकुओं का आत्म-समर्पण कराए जाने से बहुत पहले राज कपूर जी ने इस फिल्म में एक दीवाने नायक के माध्यम से फिल्म में यह काम करा दिया था|

  लीजिए प्रस्तुत है मुकेश जी और लता जी के स्वर में, यह मधुर गीत:

आ अब लौट चलें,
नैन बिछाये, बाहें पसारे
तुझको पुकारे देश तेरा|

आ जा रे, आ जा , आ जा

सहज है सीधी राह पे चलना
देख के उलझन बच के निकलना,
कोई ये चाहे माने ना माने
बहुत है मुश्किल गिर के संभलना|
आ अब लौट चलें|
आ जा रे, आ जा , आ जा

आँख हमारी मंज़िल पर है,
दिल में खुशी की मस्त लहर है,
लाख लुभाएं महल पराये
अपना घर फिर अपना घर है|
आ अब लौट चलें|

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
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2 responses to “आ अब लौट चलें!”

  1. बहुत सुंदर

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      बहुत बहुत धन्यवाद जी।

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