जाने न नज़र पहचाने जिगर!

एक बार फिर से मैं, हम सबके प्रिय गायक मुकेश जी और लता मंगेशकर जी के गाये एक युगल गीत के बोल प्रस्तुत कर रहा हूँ, यह गीत राज कपूर साहब की फिल्म ‘आह’ के लिए लिखा था हसरत जयपुरी जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया था शंकर-जयकिशन की प्रसिद्ध जोड़ी ने|

लीजिए प्रस्तुत है मुकेश जी और लता जी के स्वर में, राज कपूर साहब की फिल्म- ‘आह’ का हमारे मन में बसा हुआ यह रोमांटिक गीत:


जाने न नज़र पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया
मेरा अंग अंग मुस्काया|

आवाज़ ये किसकी आती है
जो छेड़ के दिल को जाती है|
मैं सुन के जिसे शर्मा जाऊँ
है कौन जो दिल में समाया
मेरा अंग अंग मुस्काया|

जाने न नज़र पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया
मुझे रोज़ रोज़ तड़पाया|

ढूँढेंगे उसे हम तारों में
सावन की ठण्डी बहारों में,
पर हम भी किसी से कम तो नहीं
क्यों रूप को अपने छुपाया
मुझे रोज़ रोज़ तड़पाया|

बिन देखे जिसको प्यार करूँ
गर देखूँ उसको जान भी दूँ|
एक बार कहो ओ जादूगर
ये कौन सा खेल रचाया
मेरा अंग अंग मुस्काया|


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
******

2 responses to “जाने न नज़र पहचाने जिगर!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji.

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