
दो दिलों के दरमियाँ दीवार-सा अंतर न फेंक,
चहचहाती बुलबुलों पर विषबुझे खंजर न फेंक|
कुंवर बेचैन
A sky full of cotton beads like clouds

दो दिलों के दरमियाँ दीवार-सा अंतर न फेंक,
चहचहाती बुलबुलों पर विषबुझे खंजर न फेंक|
कुंवर बेचैन
Leave a reply to vermavkv Cancel reply