
दिल को नासेह की ज़रूरत है न चारागर की,
आप ही रोता है औ आप ही समझाता है ।
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
A sky full of cotton beads like clouds

दिल को नासेह की ज़रूरत है न चारागर की,
आप ही रोता है औ आप ही समझाता है ।
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
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