
तमाम उम्र मेरा दिल उसी धुएँ में घुटा,
वो इक चराग़ था मैं ने उसे बुझाया है|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

तमाम उम्र मेरा दिल उसी धुएँ में घुटा,
वो इक चराग़ था मैं ने उसे बुझाया है|
बशीर बद्र
Leave a reply to shri.krishna.sharma Cancel reply