ऐसे हिज्र के मौसम अब कब आते हैं!

शहरयार जी भारतवर्ष के एक नामी शायर रहे हैं, जिनके गीतों ने फिल्मों में भी स्थान पाया और प्रसिद्ध गजल गायकों ने भी उनकी ग़ज़लों को गाया है|
लीजिए आज प्रस्तुत है शहरयार जी की यह ग़ज़ल-


ऐसे हिज्र के मौसम अब कब आते हैं,
तेरे अलावा याद हमें सब आते हैं|

जज़्ब करे क्यों रेत हमारे अश्कों को,
तेरा दामन तर करने अब आते हैं|

अब वो सफ़र की ताब नहीं बाक़ी वरना,
हम को बुलावे दश्त से जब-तब आते हैं|

जागती आँखों से भी देखो दुनिया को,
ख़्वाबों का क्या है वो हर शब आते हैं|

काग़ज़ की कश्ती में दरिया पार किया,
देखो हम को क्या-क्या करतब आते हैं|


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
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2 responses to “ऐसे हिज्र के मौसम अब कब आते हैं!”

  1. वाह, बहुत सुन्दर..

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji.

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