भाग न बाँचे कोय!

आज फिर से मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| आज का ये गीत, शैलेंद्र जी ने उनके द्वारा ही निर्मित फिल्म- ‘तीसरी कसम’ के लिए ही लिखा था और शंकर जयकिशन जी के संगीत निर्देशन में इसे मुकेश जी ने अपने लाजवाब अंदाज़ में गाया है|


इस फिल्म के बहाने मैं राजकपूर जी की टीम के बारे में भी कुछ बात करना चाहूँगा, जिसके शैलेंद्र जी, मुकेश जी और शंकर जयकिशन जी महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं| इनके अलावा हसरत जयपुरी जी, और संगीतकारों की कुछ अन्य टीम भी उनके साथ जुड़ी थीं|


आज मैं शैलेंद्र जी के बारे में ही कुछ कहना चाहूँगा, वे स्वभाव से ही सृजन धर्मी थे, उनको यह धुन सवार हुई कि वे फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ जी की अमर कृति ‘मारे गए गुलफाम’ पर एक फिल्म बनाएँगे| ऐसा नहीं है कि वे उनको इसमें शामिल जोखिम का अंदाज़ नहीं होगा और अंततः यह फिल्म तो उन्होंने बना ली, लेकिन जो सदमा उनको लगा वह उनके प्राण ही लेकर गया| ये अलग बात है कि इस फिल्म को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ और उनकी मृत्यु के बाद इस फिल्म ने पर्याप्त कमाई भी की|


एक बात और, शैलेंद्र जी इस फिल्म में नायक की भूमिका किसी ऐसे कलाकार को देना चाहते थे, जो ‘हीरो’ के रूप में विख्यात न हो, क्योंकि एक सामान्य देहाती की भूमिका निभाने में उसकी हीरो वाली छवि बाधक हो सकती है| लेकिन उनके मित्र राज कपूर बोले कि ये भूमिका मैं ही निभाऊंगा और मानना पड़ेगा कि इस भूमिका के साथ राज कपूर जी ने पूरा न्याय किया|

लीजिए प्रस्तुत है फिल्म ‘तीसरी कसम’ का यह अमर गीत-

सजनवा बैरी हो गए हमार,
चिठिया हो तो हर कोई बाँचे
भाग न बाँचे कोय,
करमवा बैरी हो गये हमार|

जाय बसे परदेस बलमवा, सौतन के भरमाए
ना सन्देस, ना कोई खबरिया, रुत आए रुत जाए
ना कोई इस पार हमारा,
ना कोई उस पार
सजनवा बैरी हो गये हमार

सूनी सेज गोद मोरी सूनी, मरम ना जाने कोय,
छटपट तड़पे प्रीत बिचारी ममता आँसू रोए,
डूब गए हम बीच भँवर में
सरके सोलह पार,

करमवा बैरी हो गये हमार|


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|


*******

2 responses to “भाग न बाँचे कोय!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Yes very true, thanks.

      Like

Leave a reply to vermavkv Cancel reply