मस्त पवन गाये लोरी!

सदाबहार गायक मुकेश जी के गाये गीतों के क्रम में आज जो गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, वह एक लोरी है, अलग तरह की लोरी, जो किसी बच्चे को नहीं अपितु दुखियारी नायिका को सुलाने के लिए गायी गई है।

आज का गीत पुनर्जन्म की कथा पर आधारित फिल्म- ‘मिलन’ के लिए लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी की विख्यात जोड़ी के संगीत निर्देशन में, मुकेश जी ने अपने अनोखे अंदाज में गाया था। यह गीत सुनील दत्त जी और नूतन जी पर फिल्माया गया था।
आनंद बख्शी जी का लिखा यह गीत मुकेश जी के अमर गीतों में शामिल है और फिल्म में इसे बहुत सुंदर तरीके से फिल्माया गया है –

राम करे ऐसा हो जाए,
मेरी निंदिया तोहे मिल जाए,
मैं जागूं, तू सो जाए, मैं जागूं तू सो जाए हो।

गुजर जाएं सुख से तेरी, दुःख भरी रतियां,
बदल लूं मैं तोसे अंखियां,
बस में अगर हों ये बतियां,
मांगूं दुआएँ हाथ उठाए,
मेरी निंदिया तोहे मिल जाए,
मैं जागूं तू सो जाए।

मैं ही नहीं, तू ही नहीं, सारा जमाना
दर्द का है एक फसाना
आदमी हो जाए दीवाना,
याद करे गर भूल ना जाए
मेरी निंदिया तोहे मिल जाए,
मैं जागूं तू सो जाए।

स्वप्न चला आए कोई चोरी चोरी
मस्त पवन गाए लोरी,
चन्द्रकिरण बनके डोरी
तेरे मन को झूला झुलाए,
मेरी निंदिया तोहे मिल जाए,
मैं जागूं तू सो जाए।

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार।


2 responses to “मस्त पवन गाये लोरी!”

  1. Beautiful song. Old music was so mesmerising.

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