114. वो कर रहा था मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह!

कुछ विषय ऐसे हैं, कि जब आपके पास बात करने के लिए कोई विषय न हो, तब आप इनको लेकर अपना स्वेटर या कहें कि आलेख बुन सकते हैं।

जैसे एक विषय है मौसम, दूसरा है प्यार!

वैसे प्यार कौन नहीं करता और किसका काम चल पाता है बिना प्यार के?

लेकिन कविता, गीत, शायरी में उस प्यार की बात कम होती है, जिसके बिना ज़िंदगी नहीं चलती। वैसे हर आइटम की हर किस्म का अपना महत्व है। मां और मातृभूमि के प्यार पर भी बहुत सी कविताएं लिखी जाती हैं और मानव-मात्र से किए जाने वाले प्रेम पर भी।

कुल मिलाकर बात इतनी है कि आज मुझे एक गज़ल याद आ रही है, जो मैंने गुलाम अली जी की आवाज़ में सुनी है, वैसे शायद इसे जगजीत सिंह जी और चित्रा जी ने भी गाया है।

तो अब, जब सोचा है तो मैं ये गज़ल आपसे भी शेयर करूंगा, मुझे तो क़तील शिफाई साहब की यह गज़ल बहुत प्यारी लगती है, प्यार में शिकायतें भी होती हैं और आघात भी होते हैं।

तो लीजिए ये गज़ल प्रस्तुत है-

किया है प्यार जिसे हमने ज़िंदगी की तरह,

वो आशना भी मिला हमको अजनबी की तरह।

किसे खबर थी बढ़ेगी कुछ और तारीक़ी,

छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह।

बढ़ा के प्यास मेरी, उसने हाथ छोड़ दिया,

वो कर रहा था मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह।

सितम तो ये है कि वो भी न बन सका अपना,

क़ुबूल हमने किया जिसका गम खुशी की तरह।

कभी न सोचा था हमने क़तील उसके लिए,

करेगा हम पे सितम वो भी हर किसी की तरह। 

इस क्रम में स्व. इंदुमती कौशिक जी की दो पंक्तियां भी याद आ रही हैं-

हमने जिस कोमल कोने में अपना कक्ष चिना,

उसने अपनी ईंट-ईंट को सौ सौ बार गिना।

इस विषय में वैसे तो बहुत कुछ याद आता है, मुकेश जी के बहुत सारे गीत भी हैं, लेकिन बाद में भी बात करनी है ना! सो फिलहाल इतना ही।

नमस्कार

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7 responses to “114. वो कर रहा था मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह!”

  1. very lovely shayaris, sir.
    kabhi na socha ki tum thukaroge hume is tarah
    ki tumhari yaad mein har alfaaaz girega aansuon ki tarah

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Bahut bahut dhanyavaad.

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      1. shri.krishna.sharma avatar
        shri.krishna.sharma

        Thanks a lot.

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      2. it is my pleasure sir to read your blog

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot.

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