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हाथ में नहीं है वो पत्थर तलाश कर!
नज़दीकियों में दूर का मंज़र तलाश कर, जो हाथ में नहीं है वो पत्थर तलाश कर| निदा फ़ाज़ली
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एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता!
जो हो इक बार वो हर बार हो ऐसा नहीं होता, हमेशा एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता| निदा फ़ाज़ली
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औरों को समझाएँगे!
किन राहों से सफ़र है आसाँ कौन सा रस्ता मुश्किल है, हम भी जब थककर बैठेंगे औरों को समझाएँगे| निदा फ़ाज़ली
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तब तक गीत सुनाएँगे!
तन्हा तन्हा दुख झेलेंगे महफ़िल महफ़िल गाएँगे, जब तक आँसू पास रहेंगे तब तक गीत सुनाएँगे| निदा फ़ाज़ली
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प्रेम दीप
दीपावली के शुभ अवसर पर आज फिर से एक छोटी सी पुरानी पोस्ट दोहरा रहा हूँ| एक बार फिर दीपावली के बहाने से बात करते हैं| आप सभी जानते हैं दीपावली हिंदुओं का पवित्र पर्व है| हमारी प्राचीन संस्कृति जिसे हम सामान्यतः भारतीय अथवा व्यापक रूप से हिन्दू संस्कृति के नाम से जानते है, यह…
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उनको बहुत ना-गवार गुज़री है!
वो बात सारे फ़साने में जिसका ज़िक्र न था, वो बात उनको बहुत ना-गवार गुज़री है| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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तलाश में सहर बार बार गुज़री है!
तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है, तलाश में है सहर बार बार गुज़री है| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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हर सदा पर बुलाती रही रात भर!
जो न आया उसे कोई ज़ंजीर-ए-दर, हर सदा पर बुलाती रही रात भर| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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कोई क़िस्सा सुनाती रही रात भर!
फिर सबा साया-ए-शाख़-ए-गुल के तले, कोई क़िस्सा सुनाती रही रात भर| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़